Local authorities in Nepal's central district of Gorkha issued an alert as flash‑flood risk returned after heavy monsoon rains. They have deployed emergency response teams and urged residents to stay clear of riverbanks and low‑lying valleys. Nepal Flood Update।
Sixteen‑year‑old Maya Patel died after choking during a consensual encounter in Sydney on 24 August. She was taken to St Vincent’s Hospital unconscious and died during treatment. Activist Chanel Contos blamed adult‑content platforms, citing a university study that 57 % of Australian youth see choking as a risky practice. ऑस्ट्रेलिया के सिडनी में संबंध बनाने के दौरान 'चोकिंग' से 16 साल की लड़की की मौत हो गई है।
नेपाल में आई भीषण बाढ़ के बाद सरकार ने विदेशी मदद पर बड़ा यू-टर्न लिया है. पहले बिना हालात समझे मदद लेने से मना करने वाली काठमांडू सरकार ने अब भारत समेत कई देशों से इमरजेंसी मदद मांगी है. सुरंगों में फंसे सैकड़ों लोगों, फॉरेंसिक जांच की कमी और भारी तबाही के आगे नेपाल को झुकना पड़ा. नेपाल की गुहार पर एक्शन लेते हुए भारत ने तुरंत राहत सामग्री, टनल रेस्क्यू टीम, मेडिकल सप्लाई और बेली ब्रिज भेजने का फ।
नेपाल में आई विनाशकारी बाढ़ के प्रकोप से मौत का आंकड़ा लगातार बढ़ता जा रहा है. नेपाली सेना और लोकल पुलिस लगातार राहत बचाव कार्य में जुटी हुई है. इस बीच नेपाली सेना ने रसुवा जिले में स्थित अपर त्रिशूली-1 हाइड्रोप्रोजेक्ट की सुरंग में फंसे लोगों के रेस्क्यू का रोंगटे खड़े कर देने वाला वीडियो जारी किया है।
Nepal flash floods 469 deaths: नेपाल में आए के बाद लोगों के बीच भय और अनिश्चितता का माहौल बना हुआ है। अब तक इस आपदा में 469 लोगों की मौत हो चुकी है, जबकि 977 लोग अभी भी लापता बताए जा रहे हैं। प्रभावित क्षेत्रों के लोगों का कहना है कि सब कुछ एक ही पल में बह गया और अभी तक कई मृतकों की पहचान भी नहीं हो सकी है।
Swastika Shrestha is combing hospitals in Rasuwa district after flash floods swept away dozens of residents, including her three brothers. The floods on 24 July left many families without answers, and Shrestha said she will keep searching until she learns whether they survived. Nepal Flash Flood: नेपाल में आए जलप्रलय ने जमकर तबाही मचाई है। पानी के तेज बहाव में रसुवा जिले के कई लोग बह गए, जिनका कोई पता नहीं चल सका है।
नेपाल-चीन बॉर्डर पर आई भयानक बाढ़ का एक वीडियो सोशल मीडिया पर खूब वायरल हो रहा है. इसमें सब कुछ तबाह होने के बाद भी एक हरे रंग का दो मंजिला घर चट्टान की तरह डटकर खड़ा है. आस-पास की इमारतें और सड़कें ताश के पत्तों की तरह बह गईं. लेकिन मलबे और पत्थरों का तेज बहाव भी इस घर की नींव को हिला नहीं सका. घर की दूसरी मंजिल पर एक परिवार फंसा हुआ दिखा. हालांकि मकान के टिके रहने से उनकी जान बच गई।
नेपाल में आई विनाशकारी बाढ़ के बाद लोगों के बीच भय और अनिश्चितता का माहौल बना हुआ है. पानी अपने साथ कई जानें बहा ले गया और अभी हालात सामान्य होता नजर नहीं आ रहा है. मौत के आंकड़ों में हर घंटे इजाफा हो रहा है और लापता लोगों की संख्या 1000 के पार पहुंच गई है. इसके बावजूद यह कहा जा रहा है नेपाल सरकार ने चीन और अमेरिका समेत कई देशों से मदद लेने से साफ इनकार कर दिया।
पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर (PoK) में भारी धांधली और विरोध प्रदर्शनों के बीच इफ्तिखार अली गिलानी को नया प्रधानमंत्री चुना गया है. इसे लोकतंत्र का मजाक कहा जा रहा है क्योंकि गिलानी आम चुनाव में अपनी सीट हार गए थे. इसके बावजूद इस्लामाबाद और नवाज शरीफ के इशारे पर उन्हें 'चोर दरवाजे' से असेंबली में लाया गया और पीएम बना दिया गया।
नेपाल और चीन की सीमा पर तिब्बत की एक बड़ी झील के फटने का डर बढ़ गया है. इससे नेपाल पर एक बार फिर भयानक तबाही का खतरा मंडरा रहा है. रसुवा में 26 अगस्त को आई बाढ़ में पहले ही करीब 600 लोगों की जान जा चुकी है और 1,000 लोग लापता हैं. अब भोटे कोशी और त्रिशूली नदियों में गाढ़े मलबे वाले और विकराल सैलाब का अलर्ट जारी किया गया है. तिब्बत में नदियों के संगम पर 50 लाख घनमीटर पानी जमा हो चुका है।
पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर (PoK) पर भारत के हक का सबसे बड़ा सबूत जम्मू-कश्मीर विधानसभा की 24 खाली सीटें हैं. इन सीटों को आज भी आरक्षित रखकर खाली छोड़ा जाता है. 1947 में पाकिस्तानी हमले के बाद महाराजा हरि सिंह ने भारत के साथ विलय पत्र पर दस्तखत किए थे. तभी से पूरा जम्मू-कश्मीर कानूनी तौर पर भारत का अटूट हिस्सा है।
Temporary Morgue Nepal: नेपाल में भोटकोशी और त्रिशूली नदी में आई भयावह बाढ़ के बाद स्थिति बेहद गंभीर हो गई है, जहां मुर्दाघर (Morgues) पूरी तरह भर जाने के कारण अधिकारी शवों के प्रबंधन के इंतजाम में जुटे हुए हैं। इस संकट से निपटने के लिए प्रशासन ने खाली पड़ी इमारतों और ड्राई आइस का उपयोग शुरू किया है। सबसे बड़ी चुनौती यह है कि रसुवा और नुवाकोट में बहे शव नदियों के तेज बहाव में 100 किलोमीटर दूर चितव।
नेपाल और तिब्बत क्षेत्र में आई विनाशकारी बाढ़ अपने भीतर पूरा का पूरा शहर बहाकर ले गई. बाढ़ के बाद अब राहत बचाव का काम जोरों शोरों से चल तो रहा है, लेकिन कई लोग अभी भी अपनों की तलाश में उम्मीद लगाए इंतजार कर रहे हैं. अभी भले ही ऐसा लग रहा हो कि बाढ़ अचानक आई, लेकिन दो महीने पहले दो रिपोर्टों में इस आपदा की चेतावनी दे दी गई थी।
नेपाल में तिब्बत से आए भीषण बर्फीले सैलाब और रसुवागढ़ी की तबाही से लोग बेहद गुस्से में हैं. चीन की लापरवाही पर तो सवाल उठ ही रहे हैं, लेकिन असली जिम्मेदार प्रधानमंत्री बालेन शाह के अंधे प्यार को माना जा रहा है. बालेन शाह, जो सिविल इंजीनियर भी रह चुके हैं, उन्होंने काले चश्मे, टोपी और राष्ट्रवाद के नाम पर अपनी छवि खूब चमकाई।
26 अगस्त 2026 को नेपाल-तिब्बत बॉर्डर पर ग्लेशियर ढहने से जबरदस्त बाढ़ आई. इसमें 475 से ज्यादा लोग मारे गए, लेकिन क्या इस तबाही को टाला जा सकता था. एक्सपर्ट्स का कहना है कि अगर सही समय पर सही चेतावनी मिलती, तो सैकड़ों जानें बच सकती थीं. आखिर हिमालय में चेतावनी प्रणालियां इतनी कमजोर क्यों हैं और हर मोर्चे पर ये सिस्टम फेल कैसे हो रहे हैं बाढ़ के लिए अलर्ट सिस्टम क्यों काम नहीं करता?
Nepal Flash Flood: क्या नेपाल विनाशकारी बाढ़ से बच सकता था? अगर बचना संभव नहीं था तो क्या जान-माल के नुकसान को कम किया जा सकता था? ये सवाल इसलिए पूछा जा रहा है, क्योंकि करीब 5 महीने पहले ही चेतावनी दी गई थी कि हिमालय के ऊपरी क्षेत्रों में ग्लेशियरों के तेजी से पिघलने के कारण सैलाब आ सकता है।
Nepal Army Rescue: नेपाल में अचानक आई बाढ़ से 469 लोगों की मौत हो गई है और 1,400 से ज्यादा लोग लापता हैं। नेपाली सेना ने राहत और बचाव कार्य युद्धस्तर पर चलाए हैं। हालांकि, बाढ़ के नए खतरे के अलर्ट के कारण बचाव कार्य थोड़े समय के लिए रोका गया। इसी बीच, सेना ने रसुवा में बाढ़ से प्रभावित एक पनबिजली परियोजना की सुरंग से दो लोगों को बचाया है, जबकि वहां फंसे अन्य लोगों की तलाश जारी है।
भारत के पड़ोसी देश नेपाल में बुधवार (26 अगस्त, 2026) को आई भीषण बाढ़ से मची तबाही के बाद अब एक और बड़ा खतरा दस्तक दे रहा है. चीन ने चेतावनी दी है कि नेपाल और तिब्बत की सीमा के पास हाल ही में हुए भूस्खलन के बाद बनी एक झील के बांध के टूटने का बहुत ज्यादा खतरा है और इससे नीचे की तरफ आने वाले इलाकों में एक और भीषण बाढ़ आ सकती है।
कृष्ण जन्माष्टमी भगवान श्रीकृष्ण के जन्मोत्सव का पावन पर्व है। इस दिन भक्त व्रत रखकर बाल गोपाल की पूजा करते हैं और आधी रात को जन्मोत्सव मनाते हैं। आइए जानते हैं 2026 में जन्माष्टमी की सही तारीख, पूजा का शुभ मुहूर्त और पूजा विधि। 3 या 4 सितंबर को मनाई जाएगी जन्माष्टमी? जानें सही तारीख पूजा विधि और महत्व।
भाद्रपद मास 2026 की शुरुआत 29 अगस्त से होगी और यह महीना धार्मिक दृष्टि से बेहद खास माना जाता है। इस दौरान कजरी तीज, जन्माष्टमी समेत कई प्रमुख व्रत और त्योहार पड़ेंगे। आइए जानते हैं भाद्रपद में आने वाले प्रमुख व्रत-त्योहारों की पूरी लिस्ट। आज से भाद्रपद माह शुरू, जानें इस महीने पड़ने वाले प्रमुख व्रत-त्योहार।
US-Iran War: ईरान के विदेश मंत्री सैयद अब्बास अराघची ने शुक्रवार को कहा कि अगर वाशिंगटन को यह एहसास हो जाए कि तेहरान के खिलाफ दबाव कारगर नहीं है, तो अमेरिका के साथ कूटनीति फिर से पटरी पर आ सकती है। ईरानी विदेश मंत्री अराघची ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर एक पोस्ट में यह बात कही। इसमें उन्होंने गुरुवार को तेहरान में कतर के प्रधानमंत्री और विदेश मंत्री शेख मोहम्मद बिन अब्दुल रहमान बिन जसीम अल थ।