अमेरिका और ईरान के अधिकारी शुक्रवार को स्विट्जरलैंड में एक उच्च-स्तरीय बैठक करेंगे। यह बैठक दोनों देशों के बीच हुए शांति समझौते के बाद हो रही है। US-Iran War End Date to be discussed in Switzerland Trump and Pezeshkian Officials Meet in Genevaअमेरिका और ईरान के बीच हुए ऐतिहासिक शांति समझौते (MoU) के बाद अब दोनों देशों के बड़े अधिकारी इस शुक्रवार को स्विट्जरलैंड के बुर्गेनस्टॉक पर्वतीय रिसॉर्ट में एक बेहद खुफिया और हाई-लेवल बैठक करने जा रहे हैं, जिसे इस भयानक जंग की 'लास्ट डेट' के तौर पर देखा जा रहा है।
फ्रांस में जी-7 शिखर सम्मेलन के दौरान ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेजेश्कियन ने अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप फ्रांस में जी-7 शिखर सम्मेलन के दौरान अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के दावों पर पलटवार करते हुए ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेजेश्कियन ने ऐतिहासिक शांति समझौते की इनसाइड डिटेल शेयर की है. पेजेश्कियन ने ट्रंप की धमकियों को खारिज करते हुए साफ किया कि ये डील किसी मजबूरी में नहीं, बल्कि एक शक्तिशाली ईरान की संप्रभुता, कूटनीतिक सफलता और देश के लोगों के धैर्य का नतीजा है।
ईरान के साथ शांति समझौते के बाद तेल की कीमतों में 4 डॉलर प्रति बैरल की गिरावट आई है। यह युद्ध के बाद पहली बार है जब तेल की कीमतों में इतनी बड़ी राहत मिली है। अमेरिकी उपराष्ट्रपति जेडी वेंस ने व्हाइट हाउस में इसकी घोषणा की। उन्होंने बताया कि ईरान के साथ 60 दिनों की आधिकारिक वार्ता अवधि शुरू हो गई है। यह समझौता मध्य पूर्व में शांति की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।
फ्रांस के वर्साय महल में अमेरिका और ईरान के बीच 2026 में एक शांति समझौता हुआ. यह महल ऐतिहासिक रूप से युद्धों के अंत और शांति संधियों के लिए जाना जाता है. इस समझौते से दोनों देशों के बीच तनाव कम होने की उम्मीद है. फ्रांस की राजधानी पेरिस से करीब 20 किलोमीटर दक्षिण-पश्चिम दिशा में स्थित वर्साय महल दुनियाभर में युद्ध के शांति समझौतों के लिए सबसे प्रसिद्ध जगह माना जाता है।
अमेरिका और ईरान के बीच 18 जून 2026 को एक समझौता हुआ, जिससे होर्मुज स्ट्रेट से शिपिंग फिर से शुरू हो सकेगी. इस समझौते के बाद ईरान के तेल निर्यात में वृद्धि की उम्मीद है. चीन प्रमुख खरीदारों में से एक है. अमेरिका और ईरान के बीच महीनों से चल रहे संघर्ष और तनाव को खत्म करने के लिए गुरुवार (18 जून 2026) को समझौते पर हस्ताक्षर किया गया।
किम यो-जोंग ने जी-7 देशों की उत्तर कोरिया के परमाणु निरस्त्रीकरण की मांग को पूरी तरह खारिज कर दिया जी-7 देशों के नेताओं ने बैठक में उत्तर कोरिया के परमाणु कार्यक्रम पर चिंता जताई थी. संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद के प्रस्तावों के अनुरूप उत्तर कोरिया के 'पूर्ण परमाणु निरस्त्रीकरण' की बात कही गई थी. जी-7 देशों ने उत्तर कोरिया से अपने सभी परमाणु हथियारों को पूरी तरह नष्ट करने की प्रतिबद्धता दोहराई थी।
अमेरिका और ईरान के बीच एक अंतरिम शांति समझौते के बाद वैश्विक तेल बाजार में कच्चे तेल की कीमतें $80 प्रति बैरल से नीचे गिर गईं। इसके परिणामस्वरूप अमेरिका में पेट्रोल की कीमतों में 11% की गिरावट आई है। यह गिरावट उन उपभोक्ताओं के लिए राहत लेकर आई है जो पिछले कई महीनों से बढ़ती महंगाई से जूझ रहे थे।
नई डील के बाद अमेरिका ने ईरान को चेतावनी दी है। ब्रसेल्स में नाटो देशों की बैठक के बाद अमेरिकी रक्षा मंत्री पीट हेगसेथ ने कहा कि अगर ईरान वादे पर खरा नहीं उतरा तो अमेरिका फिर से सैन्य कार्रवाई शुरू कर सकता है। उन्होंने यह भी कहा कि अमेरिका हॉर्मुज जलडमरूमध्य में फिर से नाकाबंदी कर सकता है। राष्ट्रपति के निर्देशानुसार, अगर ईरान बातचीत से पीछे हटता है तो अमेरिका तैयार है।
इजरायल ने लेबनान में ड्रोन हमला किया, जिसमें एक व्यक्ति की मौत हो गई और दूसरा घायल हो गया। दक्षिणी लेबनान के नबातियेह के पास कफर तेबनित इलाके में यह हमला हुआ। यह हमला अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की चेतावनी के बाद हुआ है। Israel Lebanon Drone Strike: अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की हालिया चेतावनियों और क्षेत्र में तनाव कम करने की कोशिशों के बीच इजरायल ने एक बार फिर लेबनान में ड्रोन हमला किया है।
डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान समझौते की आलोचना पर प्रतिक्रिया दी। उन्होंने सोशल मीडिया पर विरोधियों को निशाने पर लिया। ट्रंप ने कहा कि आलोचना करने वाले या तो बुरे हैं या फिर बेवकूफ हैं। Donald Trump Iran Deal Controversy: अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान के साथ हुए नए समझौते को लेकर हो रही आलोचनाओं पर तीखी प्रतिक्रिया दी है।
अमेरिका और ईरान के बीच 18 जून 2026 को हुए समझौते में ईरान ने परमाणु हथियार नहीं बनाने की शर्त मानी। अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति ट्रंप ने इसे समझौते की सबसे बड़ी कामयाबी बताया। अमेरिका ईरान को परमाणु देश बनने से रोकना चाहता है। 18 जून 2026 को अमेरिका और ईरान के बीच जो 14-सूत्री समझौता हुआ, जिसमें सबसे अहम शर्त थी- 'ईरान कभी परमाणु हथियार नहीं खरीदेगा, न विकसित करेगा और न ही बनाएगा.' ट्रंप ने इसे समझौते की '99.9%' सबसे बड़ी कामयाबी बताया।
अमेरिका और ईरान ने गुरुवार को एक समझौते पर हस्ताक्षर किए. अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और ईरानी राष्ट्रपति मसूद पेजेश्कियन ने डिजिटल माध्यम से समझौता ज्ञापन पर साइन किए. फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुअल मैक्रों ने इस समझौते को देखा. ईरान और अमेरिका ने महीनों से चल रही जंग को खत्म करने के लिए गुरुवार (18 जून, 2026) को सुबह-सुबह एक समझौते पर हस्ताक्षर किए हैं।
ईरान और अमेरिका ने शांति समझौते पर हस्ताक्षर किए। ईरान (Iran) और अमेरिका (United States of America) के बीच शांति समझौते (Iran-US Peace Deal) पर आधिकारिक मुहर लगाते हुए अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप (Donald Trump) और ईरानी राष्ट्रपति मसूद पेज़ेशकियान (Masoud Pezeshkian) ने इस 14-सूत्रीय शांति समझौते पर हस्ताक्षर कर दिए हैं। इस शांति समझौते पर हस्ताक्षर के साथ ही युद्ध का स्थायी अंत हो गया है।
अमेरिकी नेवी में 1,000 नए फाइटर जेट्स शामिल होंगे, 6 कंपनियों को कॉन्ट्रैक्ट मिला है। ईरान के साथ 14 सूत्रीय समझौते ज्ञापन (MoU) पर हस्ताक्षर करने के साथ ही अमेरिका ने अपनी वायुसेना को मजबूत करने की दिशा में बड़ा कदम उठाया है। अमेरिकी वायुसेना लंबे समय से ऐसे एयरक्राफ्ट विकसित करने पर काम कर रही थी जो पायलट वाले फाइटर जेट्स के साथ मिलकर युद्ध में हिस्सा ले सकें।
जयराम रमेश ने ईरान-अमेरिका शांति समझौते पर पीएम मोदी की नीति की आलोचना की। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप (Donald Trump) और ईरानी राष्ट्रपति मसूद पेज़ेशकियान (Masoud Pezeshkian) के इस 14-सूत्रीय शांति समझौते पर हस्ताक्षर करने के बाद युद्ध का स्थायी अंत हो गया है। हालांकि इसमें पाकिस्तान (Pakistan) की भूमिका को लेकर कांग्रेस (Congress) नेता जयराम रमेश (Jairam Ramesh) ने पीएम नरेंद्र मोद।
वेंस ने कहा ईरान की असली परीक्षा शुरू हो गई है। ईरान-अमेरिका समझौते पर मंडराया संकट: वेंस बोले- ईरान की असली परीक्षा शुरू, नेतन्याहू की नाराजगी पर क्या कहा? वेंस बोले- अब ईरान की परीक्षा शुरू, इस्राइल को हमारी मदद नहीं भूलनी चाहिए।
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने डिफेंस प्रोडक्शन एक्ट को फिर से लागू कर दिया है। इस एक्ट के तहत अमेरिका में हथियारों और गोला-बारूद के उत्पादन को बढ़ाया जाएगा। यह निर्णय ईरान के खिलाफ युद्ध की वजह से अमेरिकी हथियारों के भंडार की कमी को पूरा करने के लिए लिया गया है। इस एक्ट के तहत अमेरिका में हथियारों, गोला-बारूद के प्रोडक्शन को बढ़ाया जाएगा, जिसके लिए डिफेंस कंपनियों को भी ज़रूरी निर्देश दे दिए गए हैं।
अमेरिका और ईरान ने युद्ध खत्म करने को लेकर समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर किया है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेजेशकियान ने इस समझौते पर हस्ताक्षर किए। इस समझौते को लेकर विशेषज्ञों ने हैरानी जताई है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने फ्रांस में समझौता पर हस्ताक्षर के बाद मीडिया को चिल्लाकर कहा कि डील साइन हो गया, जबकि ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेजेशकियान ने डिजिटली हस्ताक्षर किए।
थाईलैंड सरकार ने 30 बिलियन डॉलर की 'लैंड ब्रिज' परियोजना को मंजूरी दी है. यह परियोजना चुमपोन और रानोंग के बंदरगाहों को 90 किलोमीटर के लॉजिस्टिक्स कॉरिडोर से जोड़ेगी. यह भारत के ग्रेट निकोबार प्रोजेक्ट के लिए सहायक सिद्ध हो सकती है. पूरी दुनिया के समुद्री व्यापार का भूगोल बदलने और 'मलक्का जलडमरूमध्य' की भीड़भाड़ को टक्कर देने के लिए थाईलैंड सरकार ने एक बेहद महत्वाकांक्षी 30 बिलियन डॉलर के 'लैंड ब्रिज' प्रोजेक्ट को हरी झंडी दिखा दी है।
पाकिस्तान के कब्जे वाले जम्मू कश्मीर में विरोध प्रदर्शन का दसवां दिन है. ईदगाह मैदान पर 60-70 हजार लोग जमा हुए हैं. प्रदर्शनकारी पाकिस्तानी सेना और प्रधानमंत्री के खिलाफ आजादी के नारे लगा रहे हैं. पाकिस्तान के कब्जे वाले जम्मू कश्मीर में आज विद्रोह का दसवां दिन है. ईदगाह मैदान पर 60-70 हज़ार लोग बैठे हुए हैं और शहर के अंदर सड़को पर सैकड़ों लोग PoJK का झंडा और सफेद झंडा लेकर आजादी के नारे लगा रहे है और पाकिस्तानी प्रधानमंत्री शहबाज़ शरीफ को “दहशतगर्द” यानी आतंकी करार दे रहे है साथ ही आसिम मुनीर की पाकिस्तानी फ़ौज के लिए भी “कर्नल-जर्नल दहशतगर्द” के नारे रावलाकोट में गूंज रहे हैं।
चीन के विदेश मंत्री वांग यी 22-23 जून को दिल्ली में होने वाली ब्रिक्स सुरक्षा सलाहकारों की महाबैठक में हिस्सा लेने के लिए भारत आएंगे. एनएसए अजीत डोभाल ने उन्हें न्योता भेजा था. इस मुलाकात में लद्दाख सीमा पर सेनाओं को पीछे हटाने और हिंद महासागर में चीनी जासूसी जहाजों पर चर्चा हो सकती है. बीजिंग ने इस यात्रा को मंजूरी दे दी है।
चीन ने तिब्बत में यारलुंग त्सांगपो नदी के निचले हिस्से में हाइड्रोइलेक्ट्रिक डैम का निर्माण कार्य शुरू किया है. यह परियोजना भारत की सीमा से लगभग 50 किलोमीटर दूर स्थित है. भारतीय एजेंसियों ने सैटेलाइट तस्वीरों की समीक्षा की, जिससे पता चला है कि इस परियोजना से भारत के निचले इलाकों पर लंबे समय तक प्रभाव पड़ सकता है. चीन ने तिब्बत में यारलुंग त्सांगपो नदी के निचले हिस्से में हाइड्रोइलेक्ट्रिक डैम का निर्माण कार्य शुरू कर दिया है।
यूक्रेन ने रूस की राजधानी मॉस्को के कपोतन्या तेल रिफाइनरी पर ड्रोन से हमला किया है। इस हमले के बाद रिफाइनरी में भीषण आग लग गई है। आग बुझाने के प्रयास जारी हैं, लेकिन अभी तक आग पर पूरी तरह काबू नहीं पाया जा सका है। यह यूक्रेन द्वारा रूस पर किया गया अब तक का सबसे बड़ा ड्रोन हमला बताया जा रहा है।
यूक्रेन ने 16 जून 2026 को रूस पर बड़ा ड्रोन हमला किया। रूस-यूक्रेन युद्ध के बीच गुरुवार (16 जून 2026) को यूक्रेन ने रूस पर बड़ा ड्रोन हमला किया. इस हमले का सबसे बड़ा असर मॉस्को की एक तेल रिफाइनरी पर देखा गया, जहां जोरदार धमाके हुए और भीषण आग लग गई. वोलोडिमिर ज़ेलेंस्की ने इस हमले का वीडियो भी शेयर किया, जिसमें रिफाइनरी से घना काला धुआं निकलता साफ दिखाई दे रहा है।
नासा एक नया सैटेलाइट लॉन्च कर रहा है जो अंतरिक्ष से दुनिया की नदियों की निगरानी करेगा. यह सैटेलाइट रिमोट सेंसिंग तकनीक का उपयोग करके नदियों की पानी की गुणवत्ता और प्रदूषण के स्तर को ट्रैक करेगा. इससे समय रहते समस्याओं का पता लगाया जा सकेगा. River Satellite Monitoring: वैज्ञानिकों ने अंतरिक्ष से दुनिया की हर नदी की निगरानी करने का एक महाप्लान तैयार किया है।