डोनाल्ड ट्रंप ने अमेरिका और ईरान के बीच एक नए परमाणु समझौते की घोषणा की है। अमेरिका-ईरान के बीच डील कब: डोनाल्ड ट्रंप ने शांति समझौते को लेकर क्या कहा? 106 दिनों बाद खत्म होगा गतिरोध।
ईरान होर्मुज जलडमरूमध्य में जहाजों से शुल्क वसूल सकता है। अमेरिका के साथ एक संभावित समझौते पर अनिश्चितता बनी हुई है। यह कदम पश्चिम एशिया में तनाव बढ़ा सकता है। West Asia Crisis Live: होर्मुज स्ट्रेट में जहाजों पर शुल्क लगा सकता है ईरान, US से समझौते पर अनिश्चितता बरकरार।
डोनाल्ड ट्रंप ने अपने 80वें जन्मदिन पर दावा किया कि अमेरिका और ईरान के बीच एक समझौता होगा। उन्होंने कहा कि इसके बाद होर्मुज जलडमरूमध्य नौवहन के लिए खुल जाएगा। ईरान ने इस दावे का खंडन किया है। US-Iran Deal: पश्चिम एशिया संकट के बीच अमेरिका और ईरान के बीच संभावित शांति समझौते को लेकर नए संकेत मिले हैं। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने अपने 80वें जन्मदिन (14 जून) पर दावा किया कि रविवार को दोनों देशों के बीच समझौते पर हस्ताक्षर होंगे और इसके तुरंत बाद होर्मुज जलडमरूमध्य यानी होर्मुज स्ट्रेट अंतरराष्ट्रीय नौवहन के लिए खोल दिया जाएगा।
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने दावा किया कि ईरान के साथ कल एक डील साइन होगी और होर्मुज जलडमरूमध्य खुल जाएगा. यह बयान ईरान के उस दावे के विपरीत है कि डील कल नहीं होगी. ईरान के साथ डील साइन को लेकर अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने दावा किया है. उन्होंने कहा है कि कल डील साइन हो जाएगी और होर्मुज भी खुल जाएगा।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप फ्रांस में मुलाकात करेंगे। दोनों नेता मध्य पूर्व संकट सहित विभिन्न महत्वपूर्ण मुद्दों पर चर्चा करेंगे। Middle East Crisis: मिडिल ईस्ट क्राइसिस के बीच फ्रांस में एक बार फिर वैश्विक नेताओं का के जुटान होने जा रहा है। इसी कड़ी में अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी दोनों ही फ्रांस पहुंच रहे हैं, जहां अलग-अलग कार्यक्रमों के साथ कई महत्वपूर्ण मुद्दों पर चर्चा होने की संभावना है।
पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ ने कहा है कि अमेरिका-ईरान शांति समझौता 24 घंटे के अंदर फाइनल हो सकता है। पाकिस्तान इस समझौते पर इलेक्ट्रॉनिक हस्ताक्षर के लिए तैयार है। अगले सप्ताह तकनीकी वार्ता होगी। इससे ऐसा लग रहा है कि दोनों देशों के बीच शांति समझौते की प्रक्रिया पहले से कहीं अधिक एकदम करीब ही है। जंग के विरोधियों और म।
ईरान और अमेरिका के बीच युद्धविराम की डील 24 घंटे में हो सकती है। एक सप्ताह में स्थिति बदल जाएगी। 24 घंटों में खत्म हो जाएगी ईरान-अमेरिका की जंग! अलग तरीके साइन होगी डील, 1 हफ्ते में सब बदल जाएगा। ईरान और अमेरिका शांति समझौते के बेहद करीब पहुंच चुके हैं, ये बात अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और ईरानी विदेश मंत्री अब्बास अराघची ने पहले की कह दी थी।
ईरान ने अपने यूरेनियम भंडार को सील कर दिया है और वहां बारूदी सुरंगें बिछा दी हैं। यह कदम अमेरिका द्वारा संभावित जमीनी हमले की योजना के जवाब में उठाया गया है। अमेरिकी खुफिया सूत्रों के अनुसार, ईरान ने हाल के हफ्तों में बम बनाने की क्षमता के करीब यूरेनियम का स्टॉक जमा किया है। यह घटनाक्रम दोनों देशों के बीच बढ़ते सैन्य तनाव को दर्शाता है।
ईरान ने अपने एनरिच्ड यूरेनियम भंडार तक पहुंचने वाली सुरंगों को ढहा दिया है. सुरंगों के गेट और आसपास के इलाके में माइंस बिछाई गई हैं. यह कदम अमेरिकी योजना को प्रभावित कर सकता है, जिसमें ईरान के यूरेनियम को हटाने और नष्ट करने की बात हो रही है. अमेरिकी खुफिया सूत्रों के मुताबिक, ईरान ने अपने एनरिच्ड यूरेनियम के भंडार तक पहुंचने वाले सुरंग मार्गों को ढहा दिया है।
लेबनान ने कहा है कि इजरायल द्वारा लेबनान की जमीन पर हमला गलत था, भले ही कोई गलती हुई हो। दोनों पक्षों के बीच हाल ही में हमलों का आदान-प्रदान हुआ। Israel-Lebanon War Update: पिछले दिनों हिजबुल्लाह और इजरायल ने एक दूसरे पर लगातार अटैक किया। जिसमें काफी नुकसान भी हुआ। इजरायल में न सही लेकिन लेबनान में जानमाल की क्षति हुई।
अमेरिकी अधिकारी ने कहा कि ईरान कभी परमाणु हथियार नहीं बनाएगा. यह बयान अमेरिका-ईरान समझौते की उम्मीद बढ़ाता है. अमेरिकी अधिकारी के इस बयान से दोनों देशों के बीच तनाव कम होने की संभावना है. US-Iran Deal: अमेरिका अधिकारी का बड़ा दावा, कहा- ईरान कभी परमाणु हथियार नहीं बनाएगा; समझौते की उम्मीद बढ़ी।
डोनाल्ड ट्रंप ने बेंजामिन नेतन्याहू से फोन पर बातचीत की। उन्होंने कहा कि ईरान के साथ शांति समझौते पर हस्ताक्षर जल्द हो सकते हैं। ट्रंप ने कहा कि यह एक बड़ी डील है और अब युद्ध को खत्म करने का समय आ गया है। अमेरिका और ईरान के बीच लंबे समय से चल रही बातचीत अब एक अहम मोड़ पर पहुंच गई है।
पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ ने कहा कि अमेरिका और ईरान के बीच डील करीब है। पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ ने शुक्रवार (12 जून) को दावा किया कि अमेरिका और ईरान के बीच शांति समझौते के अंतिम मसौदे पर सहमति बन गई है. यह ईरान पर अमेरिका और इजरायल के हमलों के बाद शुरू हुई जंग को खत्म करने में बड़ी कामयाबी हो सकती है।
शहबाज शरीफ ने दावा किया कि ईरान-अमेरिका युद्ध 24 घंटे में खत्म हो सकता है। ईरान-अमेरिका युद्ध को लेकर पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ ने बड़ा दावा किया है। उनका कहना है कि अगले 24 घंटे में युद्ध खत्म हो सकता है। वहीं, ईरान का कहना है कि अभी कोई अंतिम फैसला नहीं हुआ है। शहबाज का दावा, 24 घंटे में खत्म होगा ईरान-अमेरिका युद्ध!
ईरान ने होर्मुज स्ट्रेट में जहाजों पर आत्मघाती ड्रोन्स दागे, अमेरिकी सेना ने हमला नाकाम किया। दोनों देशों की तरफ से इस बात की पुष्टि भी कर दी गई है। यह डील स्विट्रज़रलैंड (Switzerland) के जिनेवा (Geneva) में होने की संभावना है। इसी वजह से अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप (Donald Trump) ने ईरान के खिलाफ युद्ध खत्म करने का ऐलान करते हुए सभी हमलों पर रोक लगा दी है।
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने दावा किया कि ईरान ने ड्रोन से भारतीय जहाज पर हमला किया था. ईरान ने इन आरोपों को बेबुनियाद बताया और कहा कि अमेरिका लोगों का ध्यान भटकाने की कोशिश कर रहा है. होर्मुज स्ट्रेट के पास भारतीय जहाज पर हमले को लेकर अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के दावे पर ईरान ने तीखी प्रतिक्रिया दी है।
ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची ने कहा कि अमेरिका और ईरान के बीच होने वाले समझौते में कई मुद्दों पर बात होगी. इसमें ईरान का परमाणु कार्यक्रम, प्रतिबंधों में ढील, लेबनान और होर्मुज जलडमरूमध्य की स्थिति शामिल है. Iran-US deal: अमेरिका और ईरान से दुनिया के लिए राहत भरी खबर आ रही है। दोनों देशों के नेताओं ने कहा कि वह समझौते के बेहद करीब हैं।
व्हाइट हाउस के एक वरिष्ठ अधिकारी ने दावा किया कि प्रस्तावित US-ईरान डील न सिर्फ क्षेत्र में लंबे समय तक शांति स्थापित कर सकती है, बल्कि ईरान के परमाणु कार्यक्रम को भी समाप्त करने की दिशा में बड़ा कदम साबित होगी. Middle East Peace: 28 फरवरी, 2026 से शुरू हुआ अमेरिका और ईरान युद्ध खत्म होने का नाम नहीं ले रहा।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी फ्रांस की यात्रा पर हैं। वह जी-7 शिखर सम्मेलन में भाग लेंगे और भारत के वैश्विक हितों का प्रतिनिधित्व करेंगे। फ्रांस के साथ द्विपक्षीय संबंधों पर भी चर्चा होगी। PM Narendra Modi France Tour: प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी फ्रांस और स्लोवाकिया की अपनी छह दिन की यात्रा पर शनिवार को रवाना हो गए। प्रधानमंत्री मोदी का फ्रांस दौरा बेहद अहम है।
प्रधानमंत्री मोदी फ्रांस के नीस पहुंचे। वह वहां G7 शिखर सम्मेलन में भाग लेंगे। इस दौरान वे कई महत्वपूर्ण द्विपक्षीय बैठकें भी करेंगे। PM Modi France Visit LIVE: पीएम मोदी फ्रांस दौरे पर पहुंचे, नीस में G7 देशों के सम्मेलन समेत कई अहम बैठकें। PM Modi France Visit LIVE: पीएम पहुंचे फ्रांस, भारतीय समुदाय से मिले; G7 देशों के सम्मेलन समेत कई अहम बैठकें।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी फ्रांस के बिआरित्ज़ पहुंचे। उन्होंने वहां अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और फ्रांसीसी राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों से मुलाकात की। मोदी ने जी7 शिखर सम्मेलन में भी भाग लिया। उन्होंने कई द्विपक्षीय बैठकें कीं। इन बैठकों में वैश्विक मुद्दों पर चर्चा हुई। PM Modi France Visit: फ्रांस पहुंचे पीएम मोदी, ट्रंप-मैक्रों से मुलाकात और G7 सम्मेलन समेत कई अहम बैठकें।
रूस के साथ युद्ध के कारण यूक्रेन की अर्थव्यवस्था गंभीर रूप से प्रभावित हुई है। प्रत्येक यूक्रेनी नागरिक पर लगभग 7500 डॉलर का कर्ज है। इस कर्ज को चुकाने में अनुमानित 35 साल लगेंगे। रूस ने युद्ध शुरू करके यूक्रेन को कंगाल बना दिया है। रूस-यूक्रेन युद्ध शुरू होने के बाद से यूक्रेन की हालत दिन-ब-दिन बिगड़ती जा रही है।
अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो ने भारतीय विदेश मंत्री एस. जयशंकर से होर्मुज जलडमरूमध्य में हालिया घटनाओं पर चर्चा की। रुबियो ने कहा कि क्षेत्र में शांति और सुरक्षा बनाए रखने के लिए सभी वाणिज्यिक जहाजों को अमेरिकी बलों के निर्देशों का पालन करना चाहिए। उन्होंने जोर दिया कि अमेरिका जलडमरूमध्य में नाकेबंदी को बर्दाश्त नहीं करेगा। Marco Rubio Jaishankar Call: अमेरिकी विदेश विभाग ने जारी बयान में बताया कि अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो ने कल भारतीय विदेश मंत्री एस।
चीन लैटिन अमेरिका में बुनियादी ढांचा परियोजनाओं के माध्यम से अपना प्रभाव बढ़ा रहा है। ये परियोजनाएं स्थानीय निगरानी और पारदर्शिता को दरकिनार कर रही हैं। इससे इन देशों की चीन पर निर्भरता बढ़ रही है। लैटिन अमेरिकी देशों में चीन से जुड़े बड़े-बड़े इंफ्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्ट्स अब वहां की सरकारों और संस्थाओं की स्वतंत्रता को चुनौती दे रहे हैं। तेज रफ्तार से बन रहे ये प्रोजेक्ट्स लोकल निगरानी, पारदर्शिता और तकनीकी जांच को पीछे छोड़ रहे हैं, जिससे लंबे समय में इन देशों पर चीन की निर्भरता बढ़ती जा रही है।
पहलगाम में आतंकवादी हमले के बाद भारत ने सिंधु जल समझौते को निलंबित कर दिया. Indus Water Treaty: पहलगाम में आतंकवादी हमले के बाद भारत-पाकिस्तान के रिश्ते बेहद खराब हो चुके हैं. भारत ने सिंधु जल समझौते को ठंडे बस्ते में डाल दिया. भारत के इस कदम से पाकिस्तान में त्राहिमाम जैसी परिस्थिति पैदा हो गई है. कई हिस्सों में पानी की भारी कमी है।