ईरान और अमेरिका के बीच युद्धविराम की डील 24 घंटे में हो सकती है। एक सप्ताह में स्थिति बदल जाएगी। 24 घंटों में खत्म हो जाएगी ईरान-अमेरिका की जंग! अलग तरीके साइन होगी डील, 1 हफ्ते में सब बदल जाएगा। ईरान और अमेरिका शांति समझौते के बेहद करीब पहुंच चुके हैं, ये बात अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और ईरानी विदेश मंत्री अब्बास अराघची ने पहले की कह दी थी।
Iran collapsed tunnel routes leading to its enriched uranium reserves. It also planted mines at tunnel gates and surrounding areas. अमेरिकी खुफिया सूत्रों के मुताबिक, ईरान ने अपने एनरिच्ड यूरेनियम के भंडार तक पहुंचने वाले सुरंग मार्गों को ढहा दिया है. सुरंगों के गेट और आसपास के इलाके में माइंस बिछा दी हैं. इससे अमेरिका के उस प्लान को बड़ा झटका लग सकता है, जिसमें युद्ध खत्म करने के बदले ईरान के यूरेनियम को हटाने और नष्ट करने की बात हो रही है।
एक अमेरिकी अधिकारी ने दावा किया कि ईरान कभी परमाणु हथियार नहीं बनाएगा। US-Iran Deal: अमेरिका अधिकारी का बड़ा दावा, कहा- ईरान कभी परमाणु हथियार नहीं बनाएगा; समझौते की उम्मीद बढ़ी।
डोनाल्ड ट्रंप ने इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू को फोन किया। उन्होंने कहा कि ईरान के साथ शांति समझौते पर हस्ताक्षर कुछ दिनों में हो सकते हैं। यह एक बड़ी डील है और अब इस जंग को खत्म करने का समय आ गया है। एक्सियोस की रिपोर्ट में इस बातचीत का दावा किया गया है। अमेरिका और ईरान के बीच लंबे समय से चल रही बातचीत अब एक अहम मोड़ पर पहुंच गई है।
अमेरिकी उपराष्ट्रपति जेडी वेंस ने शुक्रवार को उन रिपोर्टों को खारिज कर दिया जिनमें कहा गया था कि ईरान को वाशिंगटन और तेहरान के बीच एक शांति समझौते पर हस्ताक्षर करने के लिए बड़ी रकम दी जाएगी. उन्होंने ऐसे दावों को फर्जी सूचना बताया है. एक्स पर एक पोस्ट में वेंस ने कहा कि होर्मुज को फिर से खोलने और ईरान के परमाणु कार्यक्रम से जुड़ी चिंताओं को दूर करने के मकसद से हुई डील को लेकर कोई नकद भुगतान या फंड नहीं है।
अटलांटिक महासागर में अमेरिकी नौसेना ने ईरानी तेल ले जा रहे एक टैंकर का सात हफ्तों तक पीछा किया. जहाज के कप्तान ने अंततः जुर्म कबूल कर लिया है. ईरानी तेल ले जा रहा था टैंकर: टलांटिक में अमेरिका ने सात हफ्तों तक किया पीछा, अब जहाज के कप्तान ने कबूला जुर्म। ईरानी तेल ले जा रहा था टैंकर: अटलांटिक में अमेरिका ने सात हफ्ते तक किया पीछा, अब जहाज के कप्तान ने।
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने इजरायली प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू को सूचित किया कि ईरान के साथ एक समझौता जल्द ही हो सकता है. नेतन्याहू इस घोषणा से हैरान थे. इजरायल को चिंता है कि युद्ध के बाद ईरान फिर से मजबूत हो सकता है. अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने इजरायली प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू को फोन कर साफ कर दिया कि ईरान के साथ समझौता अब कुछ ही दिनों में साइन हो सकता है।
पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ ने दावा किया कि अमेरिका और ईरान के बीच शांति समझौते का अंतिम मसौदा तैयार हो गया है. यह ईरान पर अमेरिका और इजरायल के हमलों के बाद शुरू हुई जंग को खत्म करने में एक बड़ी कामयाबी हो सकती है. शरीफ ने कहा कि पाकिस्तान महीनों से दोनों देशों के बीच मध्यस्थता कर रहा है. उन्होंने एक्स पर एक पोस्ट में यह जानकारी दी।
ईरान ने होर्मुज जलडमरूमध्य में जहाजों पर आत्मघाती ड्रोन से हमला किया। अमेरिकी सेना ने इन हमलों को नाकाम कर दिया। यह घटना ऐसे समय में हुई है जब ईरान और अमेरिका के बीच एक संभावित डील की खबरें आ रही हैं। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान के खिलाफ युद्धविराम की घोषणा की है। दोनों देशों की तरफ से इस बात की पुष्टि भी कर दी गई है।
ईरान ने होर्मुज जलडमरूमध्य के पास एक भारतीय जहाज पर ड्रोन हमले के अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के दावे को खारिज कर दिया है। तेहरान ने इसे "पूरी तरह बेबुनियाद" बताया है। ईरान का कहना है कि अमेरिका लोगों का ध्यान भटकाने की कोशिश कर रहा है। ईरान ने आरोप लगाया कि अमेरिकी सेना ने पिछले एक सप्ताह में भारतीय नाविकों वाले तीन जहाजों पर हमला किया।
ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची ने कहा कि अमेरिका और ईरान के बीच एक समझौता हो रहा है। इसमें ईरान के परमाणु कार्यक्रम, प्रतिबंधों में ढील, लेबनान और होर्मुज जलडमरूमध्य की स्थिति जैसे मुद्दे शामिल हैं। दोनों देश समझौते के करीब हैं। Iran-US deal: अमेरिका और ईरान से दुनिया के लिए राहत भरी खबर आ रही है। दोनों देशों के नेताओं ने कहा कि वह समझौते के बेहद करीब हैं।
व्हाइट हाउस के एक अधिकारी ने दावा किया कि प्रस्तावित अमेरिका-ईरान डील क्षेत्र में शांति स्थापित कर सकती है। यह ईरान के परमाणु कार्यक्रम को समाप्त करने की दिशा में एक बड़ा कदम साबित होगी। Middle East Peace: 28 फरवरी, 2026 से शुरू हुआ अमेरिका और ईरान युद्ध खत्म होने का नाम नहीं ले रहा। दुनिया की नजरें संभावित समझौते पर टिकी हैं, कि कब युद्ध खत्म होगा।
रॉयटर्स की रिपोर्ट के अनुसार, संयुक्त अरब अमीरात ईरान के लिए 10 से 20 अरब डॉलर की फ्रीज की गई रकम जारी करने को तैयार हो गया है। यह अमेरिका-ईरान समझौते की अटकलों के बीच आया है। Iran US Deal News: अमेरिका-ईरान समझौते की अटकलों के बीच एक नई रिपोर्ट आई है. रिपोर्ट के मुताबिक संयुक्त अरब अमीरात (UAE) ईरान के लिए अरबों डॉलर की फ्रीज पड़ी रकम जारी करने को तैयार हो गया है।
ईरान ने अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप पर भारतीय नाविकों की मौत को लेकर गंभीर आरोप लगाए हैं। यह आरोप ट्रंप द्वारा ईरान पर की गई टिप्पणियों के जवाब में आए हैं। ट्रंप पर ईरान का पलटवार, भारतीय नाविकों की मौत को लेकर अमेरिका पर लगाए गंभीर आरोप।
ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची ने कहा कि 'इस्लामाबाद मेमोरेंडम ऑफ अंडरस्टैंडिंग' अंतिम चरण में है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने अराघची के पोस्ट को सकारात्मक बताते हुए रीपोस्ट किया। Iran US Peace Deal: मिडिल ईस्ट में लंबे समय से जारी तनाव अब शायद अपने सबसे अहम मोड़ पर पहुंच चुका है. ईरान के विदेश मंत्री सैयद अब्बास अराघची ने दावा किया है कि 'इस्लामाबाद मेमोरेंडम ऑफ अंडरस्टैंडिंग' अब फाइनल स्टेज में पहुंच गया है।
ओमान तट पर अमेरिकी नौसेना के हमले में तीन भारतीय नाविकों की मौत के बाद भारत ने अमेरिका के समक्ष कड़ा विरोध दर्ज कराया है। विदेश मंत्री एस जयशंकर ने अमेरिकी विदेश मंत्री से फोन पर बातचीत में कहा कि वाणिज्यिक जहाजों के खिलाफ ऐसी घातक सैन्य कार्रवाई उचित नहीं है। ओमान तट के पास एक कमर्शियल जहाज पर हुए अमेरिकी नौसेना के हमले में तीन भारतीय नाविकों की मौत के बाद भारत ने अमेरिका के सामने कड़ा विरोध दर्ज कराया है।
ईरान के एक वरिष्ठ सैन्य सलाहकार ने दावा किया है कि अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप 24 बिलियन डॉलर की जब्त ईरानी संपत्ति छोड़ने के लिए सहमत हो गए हैं। इसके साथ ही ट्रंप ने ईरान पर हमलों को रोकने और युद्ध समाप्त करने की घोषणा की है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप (Donald Trump) ने खुद इस बात की जानकारी दी है।
अमेरिका ने ईरान के परमाणु कार्यक्रम पर सख्त रुख अपनाया है। व्हाइट हाउस का दावा है कि एक समझौते से स्थायी शांति स्थापित हो सकती है। यह रुख ईरान के परमाणु प्रसार को रोकने के प्रयासों का हिस्सा है। US-Iran Deal: ईरान परमाणु कार्यक्रम पर अमेरिका का सख्त रुख, व्हाइट हाउस ने समझौते से स्थायी शांति का किया दावा।
पाकिस्तानी प्रधानमंत्री शरीफ ने दावा किया है कि 24 घंटे में अमेरिका और ईरान के बीच शांति समझौता हो सकता है। यह बयान ऐसे समय आया है जब दोनों देशों के बीच तनाव बना हुआ है। ट्रंप और अराघची के रुख पर सबकी नजर है। West Asia Crisis।
संयुक्त राज्य अमेरिका ने उत्तर कोरिया को कुछ चिकित्सा उपकरणों के निर्यात के लिए लाइसेंसिंग आवश्यकताओं को कड़ा कर दिया है। यह कदम उत्तर कोरिया के परमाणु और मिसाइल कार्यक्रमों पर दबाव बढ़ाने के प्रयासों का हिस्सा है। नई नीति के तहत, इन उपकरणों के निर्यातकों को अमेरिकी सरकार से विशेष अनुमति लेनी होगी। यह प्रतिबंध उन चिकित्सा उपकरणों पर लागू होता है जिनका उपयोग दोहरे उपयोग वाले अनुप्रयोगों में किया जा सकता है।
ओमान तट पर अमेरिकी नौसेना के हमले में तीन भारतीय नाविकों की मौत के बाद भारत ने अमेरिका के समक्ष कड़ा विरोध दर्ज कराया है। विदेश मंत्री एस जयशंकर ने अमेरिकी विदेश मंत्री से फोन पर बातचीत में कहा कि वाणिज्यिक जहाजों के खिलाफ ऐसी घातक सैन्य कार्रवाई उचित नहीं है। Explainer।
ट्रंप प्रशासन ने एंथ्रोपिक के उन्नत AI मॉडलों पर निर्यात नियंत्रण लगाया है. सरकार इसे राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए खतरा मानती है. इसके कारण कंपनी को वैश्विक ग्राहकों के लिए एक्सेस बंद करना पड़ा. अमेरिका अब आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस को सिर्फ टेक्नोलॉजी नहीं, बल्कि राष्ट्रीय सुरक्षा और रणनीतिक हथियार की तरह देखने लगा है. ट्रंप प्रशासन ने एंथ्रोपिक के सबसे उन्नत AI मॉडल्स पर सख्त निर्यात नियंत्रण लगा दिए हैं।
अमेरिकी सरकार के नए निर्यात नियंत्रण आदेश के कारण एंथ्रोपिक ने अपने एआई मॉडल को ऑफलाइन कर दिया है। कंपनी ने ट्रंप प्रशासन के इस कदम पर नाराजगी जताई है। यह आदेश एआई तकनीक के निर्यात को नियंत्रित करता है। ट्रंप प्रशासन के नए आदेश से नाराजगी, एंथ्रोपिक ने अपने अत्याधुनिक एआई मॉडल ऑफलाइन किए।
अमेरिका की डायरेक्टर ऑफ नेशनल इंटेलिजेंस तुलसी गैबार्ड ने दावा किया है कि अमेरिका ने 30 से अधिक देशों में 120 से ज्यादा बायोलैब्स को फंडिंग दी थी। इन प्रयोगशालाओं में खतरनाक रोगजनकों पर शोध किया गया, जिसमें कथित तौर पर गेन-ऑफ-फंक्शन रिसर्च भी शामिल थी। अमेरिका की डायरेक्टर ऑफ नेशनल इंटेलिजेंस (DNI) तुलसी गबार्ड ने दावा किया है कि अमेरिका ने दुनिया के 30 से अधिक देशों में मौजूद 120 से ज्यादा बायोलॉजिकल लैब्स (बायोलैब्स) को फंडिंग दी थी।
अमेरिका की नेशनल इंटेलिजेंस की डायरेक्टर तुलसी गैबार्ड ने दावा किया है कि अमेरिकी फंडिंग से 30 से ज्यादा देशों में 120 से ज्यादा बायोलैब्स चल रही हैं। इन लैब्स में जैविक रोगाणुओं पर रिसर्च की जाती है। रूस लंबे समय से आरोप लगाता है कि इन लैब्स में जैविक हथियार बनते हैं। US Russia News: अमेरिका की नेशनल इंटेलिजेंस डायरेक्टर तुलसी गैबार्ड के ऑफिस ने बड़ा दावा किया है।