अमेरिका ने होर्मुज में ईरानी गतिविधियों के खिलाफ कमर कस ली है। सीनेटर रुबियो ने इटली से सैन्य समर्थन की अपील की है। यह विकास पश्चिम एशिया में तनाव के बीच हुआ है।
इजरायल के महावाणिज्यदूत यानिव रेवाच ने कहा कि इजरायल युद्ध नहीं चाहता लेकिन पश्चिम एशिया में स्थिति ईरान पर निर्भर है। उन्होंने पश्चिम एशिया संघर्ष पर टिप्पणी की। यह बयान इजरायल की स्थिति को स्पष्ट करता है।
ईरान ने अमेरिका के खिलाफ बड़ी जीत का दावा किया है। वहीं, अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप ने संघर्ष विराम जारी रहने की बात कही है। US Iran war: ईरान ने अमेरिका के खिलाफ बड़ी जीत का दावा किया, ट्रंप बोले- संघर्ष विराम जारी Amar Ujala।
भारत ने हॉर्मुज़ में अपनी कूटनीति का प्रभाव दिखाया है, जिससे अमेरिका और ईरान के बीच तनाव कम हुआ है। भारत की इस पहल से क्षेत्र में शांति की संभावना बढ़ गई है।
संयुक्त अरब अमीरात पर ड्रोन और मिसाइल हमला हुआ, जिससे ईरान-अमेरिका युद्ध में संघर्ष विराम पर खतरा मंडराने लगा। इस हमले ने क्षेत्र में तनाव को बढ़ा दिया है। UAE Drone Attack: ईरान-अमेरिका युद्ध: संयुक्त अरब अमीरात पर ड्रोन और मिसाइल हमला, संघर्ष विराम पर मंडराया खतरा Dainik Tribune।
ईरान ने एक तेल टैंकर जब्त कर लिया, जबकि अमेरिका ने दो जहाज रोके. होर्मुज जलडमरूमध्य में तनाव बढ़ गया है. ईरान-अमेरिका में फिर बढ़ा टकराव: ईरान ने किया तेल टैंकर जब्त, अमेरिका ने दो जहाज रोके; होर्मुज में तनाव बरकरार।
रूस और चीन ने संयुक्त राष्ट्र में ईरान के साथ मिलकर अमेरिका के लिए मुश्किलें खड़ी की हैं। अमेरिका के लिए होर्मुज जलडमर्यादा खुलना मुश्किल हो गया है। UN में फिर रूस-चीन ने बिगाड़ा खेल, ताल ठोककर आए ईरान के साथ, अमेरिका के लिए होर्मुज खुलना बन जाएगा सपना?
ईरान ने इजराइल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू के तेहरान दौरे पर कड़ा ऐतराज जताया है. ईरान ने इसे कूटनीति के लिए खतरनाक बताया है. नेतन्याहू के तेहरान दौरे पर ईरान का कड़ा ऐतराज़, कूटनीति के लिए बताया ‘खतरनाक’ DD News।
IMF ने पाकिस्तान को ₹11 हजार करोड़ से अधिक का कर्ज मंजूर किया है। यह कर्ज देश के विदेशी मुद्रा भंडार को समर्थन देगा। आर्थिक स्थिरता के लिए यह एक महत्वपूर्ण कदम है।
पाकिस्तान ने सिंधु संधि पर संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद में जल संकट का हवाला दिया। IWT: सिंधु संधि पर पाकिस्तान की नई पैंतरबाजी, संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद में पहुंचा, जल संकट का हवाला देकर लगाई गुहार Navbharat Times।
भारत की 8 ऐतिहासिक कार्रवाइयों ने पाकिस्तान को कांपा दिया। ‘एलओसी से ऑपरेशन सिंदूर तक’, भारत की 8 ऐतिहासिक कार्रवाइयां जिनसे कांप उठा पाकिस्तान Patrika News।
चीन ने भारत-पाक संघर्ष में ऑन-साइट सैन्य सपोर्ट देने की बात मानी। भारत-PAK संघर्ष में चीन का कबूलनामा: नापाक साजिशों में दिया था साथ; बीजिंग ने ऑन-साइट सैन्य सपोर्ट।
भारत और वियतनाम ने अपने द्विपक्षीय संबंधों को बढ़ावा देने का फैसला किया है। दोनों देशों ने अपने संबंधों का दर्जा "विस्तारित व्यापक रणनीतिक साझेदारी" तक बढ़ा दिया है। इससे दोनों देशों के बीच के आर्थिक और सुरक्षा संबंधों में वृद्धि होगी।
वियतनाम और भारत ने अपनी व्यापक रणनीतिक साझेदारी को उन्नत करने पर सहमति जताई है। यह साझेदारी साझा दृष्टिकोण, समन्वित रणनीतियों और ठोस सहयोग पर आधारित होगी। दोनों देशों के बीच यह समझौता उनके द्विपक्षीय संबंधों को मजबूत करने में मदद करेगा।
भारत ने सिंदूर के बाद अपनी प्रगति जारी रखी है, हर मोड़ पर बढ़त हासिल की है। देश की अर्थव्यवस्था और राजनीति में सुधार हो रहा है, जिससे भारत की स्थिति मजबूत हो रही है।
6 मई, 2026 को विश्व आर्थिक समाचारों में कई महत्वपूर्ण घटनाएं हुईं, जिनमें वैश्विक अर्थव्यवस्था की स्थिति और बाजार की गतिविधियों पर प्रभाव डालने वाले फैसले शामिल थे। इन घटनाओं ने वैश्विक अर्थव्यवस्था को आकार देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
अमेरिकी विशेषज्ञों ने चेतावनी दी है कि भारत और पाकिस्तान के बीच अगला संघर्ष और भी खतरनाक हो सकता है. उन्होंने कहा कि अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रम्प द्वारा इस मुद्दे का श्रेय लेने से समस्या और जटिल हो गई है।
डोनाल्ड ट्रंप ने रूस-यूक्रेन के बीच तीन दिन के युद्धविराम की घोषणा की है। इसके तहत, दोनों पक्षों के 1000-1000 कैदियों की अदला-बदली होगी। रूस-यूक्रेन के बीच तीन दिन के युद्धविराम का ट्रंप ने किया एलान, 1000-1000 कैदियों की होगी अदला-बदली।
संयुक्त राष्ट्र ने जीडीपी के बजाय नए मानकों को अपनाने का फैसला किया है, जो कंपनियों की वास्तविक मूल्य को निर्धारित करेंगे। यह निवेशकों के लिए एक बड़ी खबर है, जो अब नई मूल्यांकन प्रणाली का उपयोग करेंगे।
अमेरिका ने यूएफओ फाइलों को सार्वजनिक करना शुरू कर दिया है, जिसमें पेंटागन द्वारा जारी किए गए दस्तावेज और वीडियो शामिल हैं। यह कदम अमेरिकी सरकार की पारदर्शिता बढ़ाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।