अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने दावा किया कि ईरानी शासन ने 42,000 लोगों की जान ली है। उन्होंने कहा कि अमेरिका ने ईरान को पूरी तरह बर्बाद कर दिया है। यह बयान ईरान के साथ तनाव के बीच आया है।
डोनाल्ड ट्रंप ने दावा किया कि ईरान समझौता करने को बेताब है। उन्होंने भारत-पाकिस्तान संघर्ष और नोबेल पुरस्कार पर भी टिप्पणी की। ट्रंप के बयान से अमेरिका-ईरान संबंधों में सुधार की उम्मीदें जगी हैं।
इज़रायल और हिजबुल्लाह के बीच संघर्ष जारी है, जिसमें बम और बारूद का इस्तेमाल हो रहा है। इज़रायल–हिजबुल्लाह संघर्ष; बम, बारूद और मौत वाली अंतहीन टकराव की कहानी Zee News।
ईरान के राष्ट्रपति ने कहा कि वे कूटनीति के लिए तैयार हैं लेकिन अमेरिका को अपनी जिद छोड़नी होगी। उन्होंने अमेरिका के साथ वार्ता की संभावना को खुला रखा। ईरान और अमेरिका के बीच तनाव कम करने के लिए यह बयान आया है।
अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रम्प ने होर्मुज जलडमरूमध्य के लिए एक नई रणनीति बनाई है, जिसमें नाकाबंदी जारी रहेगी। इसका उद्देश्य ईरान पर दबाव बढ़ाना है। ईरान पर दबाव बढ़ाएगा अमेरिका?: होर्मुज जलडमरूमध्य के लिए ट्रंप ने बनाई नई रणनीति, जारी रहेगी नाकाबंदी।
ईरान के सुप्रीम लीडर खामेनेई ने अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रम्प को धमकी दी है कि अगर वे फारस की खाड़ी में आए तो उन्हें दफन कर दिया जाएगा। उन्होंने परमाणु और मिसाइल ताकत पर कोई समझौता नहीं करने की बात कही।
मोजतबा खामेनेई ने अमेरिका को संदेश दिया है कि ईरान अपनी परमाणु और मिसाइल क्षमताओं की रक्षा करेगा। यह बयान पश्चिम एशिया संकट के बीच आया है। ईरान की इस बयान से अंतरराष्ट्रीय समुदाय में चिंता बढ़ सकती है।
अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रम्प ने ईरान को धमकी दी कि जल्दी समझदार बनो, अब ज्यादा नरमी नहीं बरतेंगे। उन्होंने राइफल के साथ फोटो साझा कर यह बयान दिया। ट्रम्प की इस धमकी से ईरान और अमेरिका के बीच तनाव बढ़ सकता है।
भारत ने संयुक्त राष्ट्र में होर्मुज में जहाजों पर हमलों की निंदा की है और गाजा में हो रहे विनाश पर चिंता जताई है। यह हमले हाल ही में हुए थे और भारत ने इस मुद्दे पर अपनी चिंता व्यक्त की है।
असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा ने कहा कि भारत और बांग्लादेश के आपसी संबंध बेहतर न होने की प्रार्थना कर रहे हैं। यह बयान ऐसे वक़्त में आया है जब भारत ने बांग्लादेश के साथ रिश्तों को बेहतर बनाने के लिए नई पहल की है।
संसदीय समिति ने भारत-श्रीलंका संबंधों और वैश्विक प्रौद्योगिकी कूटनीति पर चर्चा की। यह बैठक भारत और श्रीलंका के बीच संबंधों को मजबूत बनाने के लिए आयोजित की गई थी। संसदीय समिति ने भारत-श्रीलंका संबंधों, वैश्विक प्रौद्योगिकी कूटनीति पर चर्चा की ThePrint Hindi।
विदेश मंत्री एस जयशंकर ने राजदूतों और उच्चायुक्तों के सम्मेलन में कहा कि दुनिया में उथल-पुथल के बीच भारत की कूटनीति महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही है। उन्होंने इस मौके पर देश के हितों को आगे बढ़ाने पर जोर दिया।
ज़ोहरान ममदानी ने कहा कि अगर ब्रिटेन के किंग चार्ल्स से उनकी अलग से बात होती, तो वह उन्हें 'कोहिनूर लौटाने के लिए कहते'। कोहिनूर हीरे का इतिहास ब्रिटेन में है, जहां यह महारानी एलिजाबेथ द्वितीय के पास है।
फिनलैंड के राष्ट्रपति ने कहा कि दुनिया को भारत से सीखना चाहिए, पीएम मोदी की कूटनीति की सराहना की. उन्होंने भारत की कूटनीतिक पहलों की प्रशंसा की. पीएम मोदी की कूटनीति की दुनिया में सराहना, फिनलैंड के राष्ट्रपति बोले दुनिया को भारत से सीखना चाहिए DD News।
संयुक्त राष्ट्र की रिपोर्ट में कहा गया है कि महिलाएं ऑनलाइन उत्पीड़न और दुर्व्यवहार के उच्च स्तर का सामना करती हैं। रिपोर्ट में खुलासा किया गया है कि 85% महिलाओं ने ऑनलाइन उत्पीड़न का अनुभव किया है। यह एक बड़ी चुनौती है जिसका समाधान आवश्यक है।
एस जयशंकर ने 11वें राजदूतों और उच्चायुक्तों के सम्मेलन में कहा कि देश के हित को आगे बढ़ाने के लिए कूटनीति तैयार की जा रही है। उन्होंने इस मौके पर राजदूतों और उच्चायुक्तों को देश के हितों को बढ़ावा देने का आग्रह किया।
UNCTAD ने एक पूर्व चेतावनी मंच शुरू किया है जो वैश्विक व्यापार पर होर्मुज़ जलसंधि में व्यवधान की आर्थिक क़ीमत को मापता है। यह मंच व्यापारिक प्रभावों की निगरानी करता है। वैश्विक अर्थव्यवस्था पर इसका असर दिख रहा है।
महाराजा चार्ल्स का अमेरिका दौरा कूटनीति में राजशाही की भूमिका को दर्शाता है। महाराजा चार्ल्स का अमेरिका दौरा बताता है कि कूटनीति में राजशाही की भूमिका कम नहीं हुई ThePrint Hindi।
नोबेल शांति पुरस्कार के लिए 287 लोगों को नामित किया गया है। इसमें कई प्रमुख व्यक्ति शामिल हैं, जिनमें अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप का नाम भी हो सकता है। नोबेल शांति पुरस्कार समिति जल्द ही विजेता की घोषणा करेगी।
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने वॉर पावर्स एक्ट के तहत 1 मई की डेडलाइन तय की है। यह एक्ट राष्ट्रपति की सैन्य कार्रवाई करने की शक्ति को सीमित करता है। ट्रंप के इस फैसले से अमेरिकी कांग्रेस के साथ तनाव बढ़ सकता है।