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यूएई के ओपेक से बाहर होने का भारत पर क्या असर होगा
यूएई के ओपेक से बाहर होने के संभावित प्रभावों का विश्लेषण भारत के लिए महत्वपूर्ण हो गया है. ईरान के साथ युद्ध के कारण तेल की सप्लाई प्रभावित हुई है।
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यूएई के ओपेक से बाहर होने के संभावित प्रभावों का विश्लेषण भारत के लिए महत्वपूर्ण हो गया है. ईरान के साथ युद्ध के कारण तेल की सप्लाई प्रभावित हुई है।

ईरान ने अमेरिका और इजरायल से युद्ध शुरू होने के बाद 21 लोगों को फांसी पर लटकाया और 4,000 लोगों को अरेस्ट किया. यह कार्रवाई ईरान की घरेलू सुरक्षा को मजबूत करने के प्रयासों का हिस्सा है।

अमेरिकी रक्षा मंत्री पीट हेगसेथ और सांसदों के बीच तीखी बहस हुई, जब एक सांसद ने ईरान युद्ध की वजह से तेल की क़ीमतों में बढ़ोतरी की बात कही, तो हेगसेथ ने कहा, 'आपको शर्म आनी चाहिए'।

अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रम्प ने होर्मुज जलडमरूमध्य के लिए एक नई रणनीति बनाई है, जिसमें नाकाबंदी जारी रहेगी। इसका उद्देश्य ईरान पर दबाव बढ़ाना है। ईरान पर दबाव बढ़ाएगा अमेरिका?: होर्मुज जलडमरूमध्य के लिए ट्रंप ने बनाई नई रणनीति, जारी रहेगी नाकाबंदी।

ईरान के सुप्रीम लीडर खामेनेई ने अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रम्प को धमकी दी है कि अगर वे फारस की खाड़ी में आए तो उन्हें दफन कर दिया जाएगा। उन्होंने परमाणु और मिसाइल ताकत पर कोई समझौता नहीं करने की बात कही।

मोजतबा खामेनेई ने अमेरिका को संदेश दिया है कि ईरान अपनी परमाणु और मिसाइल क्षमताओं की रक्षा करेगा। यह बयान पश्चिम एशिया संकट के बीच आया है। ईरान की इस बयान से अंतरराष्ट्रीय समुदाय में चिंता बढ़ सकती है।

ईरान के साथ युद्ध के कारण खाड़ी देशों की कूटनीति में बदलाव आया है, जिससे OPEC में बड़ी दरार पैदा हुई है। इससे UAE की स्थिति और भविष्य की योजनाएं प्रभावित हो सकती हैं।

अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रम्प ने राइफल के साथ एक फोटो साझा कर ईरान को धमकी दी. उन्होंने कहा कि ईरान को जल्दी समझदार बनना चाहिए और अब ज्यादा नरमी नहीं बरती जाएगी. यह बयान अमेरिका और ईरान के बीच बढ़ते तनाव के बीच आया है।

भारत ने संयुक्त राष्ट्र में होर्मुज में जहाजों पर हमलों की निंदा की है और गाजा में हो रहे विनाश पर चिंता जताई है। यह हमले हाल ही में हुए थे और भारत ने इस मुद्दे पर अपनी चिंता व्यक्त की है।

ईरान-अमेरिका संघर्ष के बीच, चीन ने अपने दो युद्धपोत क्षेत्र में भेजे हैं। यह कदम दूसरे युद्ध की आहट के बीच उठाया गया है। क्षेत्र में तनाव बढ़ रहा है।

जबलपुर के बरगी डैम में एक क्रूज पलट गया, जिससे 04 लोगों की मौत हो गई और 30 लोग सवार थे। यह घटना गुरुवार शाम को हुई जब लोग सुकून और प्रकृति का आनंद लेने पहुंचे थे।

नोबेल शांति पुरस्कार के लिए 287 लोगों को नामित किया गया है, जिसमें अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रम्प का नाम भी शामिल हो सकता है। Nobel Peace Prize: 287 लोगों को नोबेल शांति पुरस्कार के लिए नामित, ट्रंप का भी नाम हो सकता है शामिल।

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने वॉर पावर्स एक्ट के लिए 1 मई की डेडलाइन दी है। यह एक्ट निक्सन से ओबामा तक के राष्ट्रपतियों के लिए चुनौती बन रहा है।

ईरान के विदेश मंत्री पेजेशकियान ने अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप को दो टूक कहा है कि खाड़ी में विदेशी हुक्म नहीं चलेगा। उन्होंने होर्मुज में नाकाबंदी पर भी चेतावनी दी।

सात साल बाद, अमेरिका और वेनजुएला के बीच पहली सीधी उड़ान काराकास में उतरेगी, जिससे दोनों देशों के बीच संबंधों में सुधार हो सकता है। बंदिशों के बाद बदले हालात: सात साल बाद फिर जुड़ रहे अमेरिका-वेनजुएला, काराकास में उतरेगी पहली सीधी उड़ान।

द बॉयज के निर्माता सेठ मैकफार्लेन ने आरोप लगाया है कि अमेरिकी पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने उनकी अवधारणा चोरी की है, जिसमें उन्होंने AI जीसस की एक तस्वीर साझा की थी। मैकफार्लेन ने इस मामले में सवाल उठाए हैं।

वन मंत्रालय और WWF ने जैव विविधता संरक्षण पर समझौता किया है, जिसका उद्देश्य सतत विकास लक्ष्यों को प्राप्त करना है। इस समझौते के तहत अगले 10 वर्षों में 40 मिलियन डॉलर का निवेश किया जाएगा।

विदेश मंत्री एस जयशंकर ने राजदूतों और उच्चायुक्तों के सम्मेलन में कहा कि दुनिया में उथल-पुथल के बीच भारत की कूटनीति महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही है। उन्होंने इस मौके पर देश के हितों को आगे बढ़ाने पर जोर दिया।

एस जयशंकर ने 11वें राजदूतों और उच्चायुक्तों के सम्मेलन में कहा कि देश के हित को आगे बढ़ाने के लिए कूटनीति तैयार की जा रही है। उन्होंने इस मौके पर राजदूतों और उच्चायुक्तों को देश के हितों को बढ़ावा देने का आग्रह किया।

UNCTAD ने एक पूर्व चेतावनी मंच शुरू किया है जो वैश्विक व्यापार पर होर्मुज़ जलसंधि में व्यवधान की आर्थिक क़ीमत को मापता है। यह मंच व्यापारिक प्रभावों की निगरानी करता है। वैश्विक अर्थव्यवस्था पर इसका असर दिख रहा है।

जर्मन विदेश मंत्री ऐनालेना बेयरबॉक ने कहा कि 80 सालों में कोई भी महिला संयुक्त राष्ट्र की प्रमुख नहीं बनी है। उन्होंने इस स्थिति पर सवाल उठाया। यह मुद्दा संयुक्त राष्ट्र की नेतृत्व में लाया गया है।
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