मैक्सिको के गवर्नर समेत 10 अधिकारियों पर न्यूयॉर्क में ड्रग तस्करी का केस दर्ज किया गया है। इन पर अमेरिका में बड़ी मात्रा में ड्रग्स आयात करने का आरोप है। यह मामला अमेरिका की एक बड़ी कार्रवाई का हिस्सा है।
संयुक्त राष्ट्र महासभा की अध्यक्ष ने अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के 'शांति बोर्ड' पर निशाना साधा है। उन्होंने अंतरराष्ट्रीय कानून के महत्व पर जोर दिया और देशों को इसके प्रति सम्मान दिखाने की आवश्यकता पर बल दिया।
ईरान के विदेश मंत्री ने लेबनान के स्पीकर से बातचीत की और क्षेत्रीय हालात पर चर्चा की। इस बातचीत का विवरण नहीं दिया गया है। ईरान के विदेश मंत्री ने लेबनान के स्पीकर से की बात, क्षेत्रीय हालात पर हुई चर्चा।
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने दावा किया कि ईरान के खिलाफ कार्रवाई में दुश्मनों के 82% हथियार तबाह हो गए हैं। अब ईरानी ड्रोन को गोलियों से गिराया जा रहा है। यह दावा अमेरिकी मीडिया में चर्चा में है।
ईरान ने अमेरिका को चेतावनी दी है कि वह जल्द ही 'समुद्री डकैती और गुंडागर्दी' के खिलाफ अनोखी सैन्य कार्रवाई करेगा। यह चेतावनी ईरान और अमेरिका के बीच बढ़ते तनाव के बीच आई है।
ईरान और अमेरिका के बीच संघर्ष अभी सुलझा नहीं है, वहीं चीन ने दो युद्धपोत भेजे हैं। यह कदम दूसरे युद्ध की आहट के रूप में देखा जा रहा है। चीन के इस कदम से क्षेत्र में तनाव बढ़ सकता है।
अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप ने ईरान पर दबाव बढ़ाने के लिए एक नई रणनीति अपनाई है। इसमें होर्मुज जलडमरूमध्य पर नाकेबंदी शामिल है, जिससे ईरान को अपनी शर्तें मानने के लिए मजबूर किया जा सके।
अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप और रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन के बीच 90 मिनट से अधिक समय तक फोन पर बातचीत हुई। इस बातचीत में रूस-यूक्रेन जंग पर चर्चा हुई और पुतिन सीजफायर का एलान कर सकते हैं।
पाकिस्तान की मध्यस्थता की कोशिशें विफल हो गई हैं। ईरान ने पाकिस्तान पर पक्षपाती होने का आरोप लगाया है, जबकि अमेरिका ने पाकिस्तान पर वीजा प्रतिबंध लगा दिया है। यह कदम पश्चिम एशिया संकट में पाकिस्तान की भूमिका को लेकर उठाया गया है।
पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ ने अमेरिका-ईरान युद्ध के संभावित प्रभावों पर चिंता जताई है। उन्होंने कहा कि इससे देश की अर्थव्यवस्था को बड़ा झटका लग सकता है, खासकर तेल आयात बिल के मामले में।
ईरान और अमेरिका के बीच तनाव बढ़ने से तेल की कीमतें बढ़ गई हैं। इसके चलते चीनी की कीमत भी दो हफ्ते के उच्चतम स्तर पर पहुंच गई है। वैश्विक बाजार में चीनी की कीमतें बढ़ रही हैं।
ईरान ने संयुक्त राष्ट्र में अमेरिका और इजरायल की आलोचना की। ईरान के प्रतिनिधि ने कहा कि ये देश उसके खिलाफ साजिश रच रहे हैं। उन्होंने इस मुद्दे पर चर्चा की मांग की।
ईरान की आक्रामक रणनीति के पीछे आर्थिक अवसर हो सकते हैं। ईरान के नेता युद्ध की स्थिति में भी अपने आर्थिक हितों को बढ़ावा देने की कोशिश कर रहे हैं। यह रणनीति उसके लिए फायदेमंद हो सकती है।
ग़ाजा में एक हमले में सहायताकर्मी हताहत हो गए। योरोप में तापमान वृद्धि की रफ़्तार दोगुनी हो गई है। संक्षेप में: ग़ाजा में हमले में सहायताकर्मी हताहत; योरोप में तापमान वृद्धि की दोगुनी रफ़्तार UN News।
UNCTAD ने होर्मुज़ जलमार्ग में व्यवधान की भारी आर्थिक कीमत के बीच एक पूर्व चेतावनी मंच शुरू किया है। यह मंच वैश्विक अर्थव्यवस्था पर ऐसे व्यवधानों के प्रभावों को ट्रैक करेगा।
जर्मन विदेश मंत्री एनालेना बेयरबॉक ने कहा कि 80 वर्षों से संयुक्त राष्ट्र में एक भी महिला महासचिव नहीं बनी है। उन्होंने इस मुद्दे पर चिंता जताई। बेयरबॉक ने कहा कि यह समय की बात है कि जल्द ही एक महिला इस पद पर आसीन हो।
भारतीय विदेश मंत्री एस जयशंकर ने संयुक्त राष्ट्र महासभा के अध्यक्ष से मुलाकात की। उन्होंने पश्चिम एशिया में संघर्ष और वैश्विक मुद्दों पर चर्चा की। जयशंकर ने इस बैठक के दौरान कई महत्वपूर्ण मुद्दों पर बात की।
भारत के विदेश मंत्री एस जयशंकर ने इक्वाडोर की विदेश मंत्री से बातचीत की। यह बातचीत दोनों देशों के बीच कूटनीतिक संबंधों को मजबूत करने के लिए हुई। कूटनीति तेज जयशंकर ने इक्वाडोर की विदेश मंत्री से की बातचीत Patrika News।
विदेश मंत्री डॉ. एस. जयशंकर ने कहा कि भारतीय कूटनीति एक अस्थिर विश्व में राष्ट्रीय हितों की रक्षा के लिए तत्पर है। उन्होंने कहा कि देश की सुरक्षा और हितों की रक्षा करना भारत की प्राथमिकता है।
भारत ने संयुक्त राष्ट्र में आग्रह किया है कि होर्मुज जलमार्ग को जल्द से जल्द खोल दिया जाए। भारत ने नाविकों की सुरक्षा को लेकर भी चिंता जताई है। 'होर्मुज को जल्द खोलो': यूएन में भारत की दो टूक, नाविकों की सुरक्षा पर जताई चिंता Jagran।
रूसी विदेश मंत्री सर्गेई लावरोव अगले महीने भारत की यात्रा करेंगे। इस दौरान द्विपक्षीय संबंधों पर चर्चा होगी और ब्रिक्स बैठक में भी हिस्सा लेंगे। यह यात्रा भारत और रूस के बीच संबंधों को मजबूत करने के लिए महत्वपूर्ण होगी।