चीन अमेरिका के जू अटलांटा को दो विशाल पांडा भेजेगा, जिससे पांडा कूटनीति फिर से शुरू होगी। यह जानकारी जीके टुडे द्वारा दी गई है। पांडा कूटनीति एक प्रतीकात्मक संबंध है जो चीन और अन्य देशों के बीच सौहार्द को दर्शाता है।
भारत के वरिष्ठ राजनयिक ने संयुक्त राष्ट्र महासभा के अध्यक्ष से मुलाकात की। इस मुलाकात के दौरान दोनों पक्षों ने महत्वपूर्ण मुद्दों पर चर्चा की। राजनयिक ने महासभा के अध्यक्ष के साथ सहयोग बढ़ाने पर बात की।
संयुक्त राष्ट्र ने चेतावनी दी है कि 1.1 करोड़ पाकिस्तानी लोगों को खाद्य संकट का सामना करना पड़ सकता है। 10 देशों में खाद्य सुरक्षा की स्थिति खराब है। यह चेतावनी यूएन की ओर से जारी की गई है।
संयुक्त राष्ट्र महासभा अध्यक्ष एनालेना बेयरबॉक भारत दौरे पर आ रही हैं। वह द्विपक्षीय बैठकों में शामिल होंगी। उनकी यात्रा अगले हफ्ते होगी। भारत दौरे पर आ रहीं संयुक्त राष्ट्र महासभा अध्यक्ष एनालेना बेयरबॉक, द्विपक्षीय बैठकों में होंगी।
एस जयशंकर ने भारत की कूटनीति पर बात की। उन्होंने ऑपरेशन गंगा का भी जिक्र किया। यह ऑपरेशन भारत की कूटनीतिक कोशिशों का हिस्सा है। भारत की कूटनीति पर क्या बोले एस जयशंकर, ऑपरेशन गंगा का भी किया जिक्र MSN।
नितिन नवीन ने कहा कि बांग्लादेश से संबंध और अवैध बांग्लादेशियों का मामला अलग है। देशहित कूटनीति से ऊपर है। यह बयान उन्होंने एनडीटीवी से बातचीत में दिया। 'बांग्लादेश से संबंध अलग, अवैध बांग्लादेशियों का मामला अलग, कूटनीति से ऊपर देशहित'- NDTV से बोले नितिन नवीन NDTV. in।
किम जोंग ने हताहत सैनिकों को श्रद्धांजलि दी। उन्होंने रूस से गठबंधन मजबूत होने की बात कही। उत्तर कोरिया युद्ध स्मारक: जंग में हताहत सैनिकों को श्रद्धांजलि देकर बोले किम जोंग- रूस से गठबंधन मजबूत होगा।
यूरोपीय संघ अमेरिका के साथ टकराव की तैयारी कर रहा है। यह टकराव संयुक्त राष्ट्र में होगा। यूरोपीय संघ और अमेरिका के बीच मतभेद बढ़ रहे हैं। यूरोपीय संघ एक बार फिर अमेरिका से टकराव की तैयारी में, संयुक्त राष्ट्र बनेगा अखाड़ा NDTV. in।
रूस ने कहा कि ईरान को डराने-धमकाने की कोशिश काम नहीं करेगी। अराघची के मॉस्को दौरे के बीच यह बयान आया। 'ईरान को डराने-धमकाने की कोशिश काम नहीं करेगी', अराघची के मॉस्को दौरे के बीच रूस का बड़ा बयान।
ईरान ने अमेरिका को दो-सूत्रीय प्रस्ताव भेजा है। इसमें पहले खुले होर्मुज जलसंधि और फिर परमाणु मुद्दे पर बातचीत का प्रस्ताव है। यह प्रस्ताव ईरान और अमेरिका के बीच तनाव कम करने के लिए एक संभावित कदम है।
ईरानी सांसद ने दावा किया है कि अमेरिका कभी भी जंग शुरू कर सकता है। यह बयान वार्ता पर संशय के बीच आया है, जिसमें पाकिस्तान की मध्यस्थता पर सवाल उठाए गए हैं। ईरान और अमेरिका के बीच तनाव बढ़ रहा है।
अमेरिकी नाकाबंदी के कारण ईरान पर दबाव बढ़ रहा है। यूएस सेंट्रल कमान ने दावा किया है कि तेहरान के 38 जहाज रोके गए हैं। यह जानकारी ईरान और इजरायल के बीच तनाव के बीच आई है।
ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराग़ची 24 घंटे के अंदर दोबारा इस्लामाबाद पहुंचे। इससे पहले वह अमेरिकी प्रतिनिधिमंडल के संभावित आगमन से पहले ओमान चले गए थे। ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराग़ची एक बार फिर पाकिस्तान वापस लौटे हैं, जबकि अमेरिकी प्रतिनिधिमंडल के संभावित आगमन से पहले वो ओमान चले गए थे।
संयुक्त अरब अमीरात (यूएई) ने अमेरिका से 'करेंसी स्वैप' की मांग की है। यूएई दुनिया की सबसे मजबूत अर्थव्यवस्थाओं में से एक है, लेकिन इसके बावजूद वह अमेरिका से आर्थिक मदद चाहता है। यह मांग यूएई की आर्थिक रणनीति का हिस्सा है।
ईरान में इंटरनेट पाबंदी की वजह से लाखों नौकरियां खत्म हो गई हैं। करीब एक करोड़ लोग अपने काम के लिए स्थिर इंटरनेट कनेक्टिविटी पर निर्भर हैं। इंटरनेट पाबंदियों से 10 लाख से ज्यादा नौकरियां जा चुकी हैं।
अमेरिका-ईरान युद्ध के कारण दुनिया की अर्थव्यवस्था पर असर पड़ सकता है। इस युद्ध के कारण 3 करोड़ लोग गरीब हो सकते हैं। यह जानकारी आज तक द्वारा दी गई है। दुनिया की अर्थव्यवस्था पर इस युद्ध के प्रभाव की भविष्यवाणी की जा रही है।
एक हमलावर ने ट्रंप और प्रशासन के आला अधिकारियों को संभावित टारगेट बनाया था। पुलिस ने एक लिखित नोट बरामद किया जिसमें हमलावर ने कई अधिकारियों पर हमला करने की बात लिखी थी। हमलावर एक मैकेनिकल इंजीनियर था।
विदेश मंत्री जयशंकर ने संयुक्त राष्ट्र चार्टर में शांति स्थापना का जिक्र किया है। उन्होंने दुनिया के सामने सात चिंताएं रखी हैं। यह बयान वैश्विक शांति और सुरक्षा के मुद्दों पर भारत की स्थिति को दर्शाता है।
संयुक्त राष्ट्र मुख्यालय में विश्व में बढ़ते परमाणु खतरों के बीच महत्वपूर्ण रक्षा उपायों पर चर्चा हुई। यह बैठक परमाणु खतरों के बढ़ने के बीच सुरक्षा उपायों पर विचार करने के लिए आयोजित की गई थी। चर्चा का विवरण अभी तक सार्वजनिक नहीं किया गया है।
होर्मुज जलडमरूमध्य भारत और चीन के बीच आर्थिक युद्ध का अखाड़ा बन गया है। इस जलडमरूमध्य से दुनिया भर के देशों को तेल और गैस की आपूर्ति होती है। होर्मुज जलडमरूमध्य पर नियंत्रण पाने के लिए भारत और चीन दोनों देशों ने अपनी सैन्य ताकत बढ़ाई है।